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Jeevan... Ek Utsav (Hindi Edition)
प्रकृति ने मनुष्य के मन में असीम क्षमताएँ व विलक्षण सिद्धियां प्रदान की हुई हैं। जीवन … एक उत्सव पुस्तक में ऋषि नित्यप्रज्ञाजी, मनुष्य मन की असीम क्षमताओं को उजागर करते हुए, इस जीवन को सार्थक बनाकर जी लेने के गहन रहस्यों का अनावरण कर रहे हैं। इस पुस्तक में आपकी व्यक्तिगत चेतना के सर्व-संवर्धन के लिए अति आवश्यक इन दो पदों का सूक्ष्म विश्लेषण मिलेगा : 1. आपके मन की चिंता, भय, आत्मग्लानि व संकोच जैसी सभी नकारात्मक भावनाओं तथा काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद व मत्सर जैसी हानिकारक आदतों को पहचान कर उनमें से मुक्ति के उपाय। 2. स्वयं के जीवन को सुशोभित करनेवाले उत्सव, प्रेम, करुणा व सत्य जैसे अति सुंदर भावों को आप जब चाहें, जहाँ चाहें, अपने मन में जगा लेने की कला।जीवन… एक उत्सव, एकप्रामाणिक अभियान है…परिस्थितियों पर प्रभुत्व पाने का…स्वयं की दिव्यता को पहचान लेने का…जीवन को एक उत्सव बना लेने का…1. आपके मन की चिंता, भय, आत्मग्लानि व संकोच जैसी सभी नकारात्मक भावनाओं तथा काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद व मत्सर जैसी हानिकारक आदतों को पहचान कर उनमें से मुक्ति के उपाय।2. स्वयं के जीवन को सुशोभित करनेवाले उत्सव, प्रेम, करुणा व सत्य जैसे अति सुंदर भावों को आप जब चाहें, जहाँ चाहें, अपने मन में जगा लेने की कला। जीवन… एक उत्सव, एकप्रामाणिक अभियान है…परिस्थितियों पर प्रभुत्व पाने का…स्वयं की दिव्यता को पहचान लेने का…जीवन को एक उत्सव बना लेने का…
$14.00
Jeevan... Ek Utsav (Hindi Edition)—
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प्रकृति ने मनुष्य के मन में असीम क्षमताएँ व विलक्षण सिद्धियां प्रदान की हुई हैं। जीवन … एक उत्सव पुस्तक में ऋषि नित्यप्रज्ञाजी, मनुष्य मन की असीम क्षमताओं को उजागर करते हुए, इस जीवन को सार्थक बनाकर जी लेने के गहन रहस्यों का अनावरण कर रहे हैं। इस पुस्तक में आपकी व्यक्तिगत चेतना के सर्व-संवर्धन के लिए अति आवश्यक इन दो पदों का सूक्ष्म विश्लेषण मिलेगा : 1. आपके मन की चिंता, भय, आत्मग्लानि व संकोच जैसी सभी नकारात्मक भावनाओं तथा काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद व मत्सर जैसी हानिकारक आदतों को पहचान कर उनमें से मुक्ति के उपाय। 2. स्वयं के जीवन को सुशोभित करनेवाले उत्सव, प्रेम, करुणा व सत्य जैसे अति सुंदर भावों को आप जब चाहें, जहाँ चाहें, अपने मन में जगा लेने की कला।जीवन… एक उत्सव, एकप्रामाणिक अभियान है…परिस्थितियों पर प्रभुत्व पाने का…स्वयं की दिव्यता को पहचान लेने का…जीवन को एक उत्सव बना लेने का…1. आपके मन की चिंता, भय, आत्मग्लानि व संकोच जैसी सभी नकारात्मक भावनाओं तथा काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद व मत्सर जैसी हानिकारक आदतों को पहचान कर उनमें से मुक्ति के उपाय।2. स्वयं के जीवन को सुशोभित करनेवाले उत्सव, प्रेम, करुणा व सत्य जैसे अति सुंदर भावों को आप जब चाहें, जहाँ चाहें, अपने मन में जगा लेने की कला। जीवन… एक उत्सव, एकप्रामाणिक अभियान है…परिस्थितियों पर प्रभुत्व पाने का…स्वयं की दिव्यता को पहचान लेने का…जीवन को एक उत्सव बना लेने का…











